vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 8: कर्ण पर्व
»
अध्याय 14: द्रौपदीपुत्र श्रुतकर्मा और प्रतिविन्ध्यद्वारा क्रमश: चित्रसेन एवं चित्रका वध, कौरव-सेनाका पलायन तथा अश्वत्थामाका भीमसेनपर आक्रमण
»
श्लोक 33
श्लोक
8.14.33
स पपात तदा राजा तोमरेण समाहत:।
प्रसार्य विपुलौ बाहू पीनौ परिघसंनिभौ॥ ३३॥
अनुवाद
तोमर के प्रहार से बुरी तरह घायल होकर राजा चित्र तुरन्त भूमि पर गिर पड़े और अपनी घोड़े के समान मोटी भुजाएं फैला लीं।
Extremely wounded by Tomar, King Chitra immediately fell on the ground, spreading out his arms which were as thick as a horse.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×