श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 14: द्रौपदीपुत्र श्रुतकर्मा और प्रतिविन्ध्यद्वारा क्रमश: चित्रसेन एवं चित्रका वध, कौरव-सेनाका पलायन तथा अश्वत्थामाका भीमसेनपर आक्रमण  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  8.14.33 
स पपात तदा राजा तोमरेण समाहत:।
प्रसार्य विपुलौ बाहू पीनौ परिघसंनिभौ॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
तोमर के प्रहार से बुरी तरह घायल होकर राजा चित्र तुरन्त भूमि पर गिर पड़े और अपनी घोड़े के समान मोटी भुजाएं फैला लीं।
 
Extremely wounded by Tomar, King Chitra immediately fell on the ground, spreading out his arms which were as thick as a horse.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)