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mahabharat 8.14.31: राजन! तब प्रतिविन्ध्य ने अत्यन्त क्रोध में भरकर चित्र को मार डालने की इच्छा से उस पर स्वर्णमय तोमर से आक्रमण किया॥31॥   |   mahabharat अध्याय 8.14: द्रौपदीपुत्र श्रुतकर्मा और प्रतिविन्ध्यद्वारा क्रमश: चित्रसेन एवं चित्रका वध, कौरव-सेनाका पलायन तथा अश्वत्थामाका भीमसेनपर आक्रमण   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 14: द्रौपदीपुत्र श्रुतकर्मा और प्रतिविन्ध्यद्वारा क्रमश: चित्रसेन एवं चित्रका वध, कौरव-सेनाका पलायन तथा अश्वत्थामाका भीमसेनपर आक्रमण  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  8.14.31 
प्रतिविन्ध्यस्ततो राजंस्तोमरं हेमभूषितम्।
प्रेषयामास संक्रुद्धश्चित्रस्य वधकाङ्क्षया॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
राजन! तब प्रतिविन्ध्य ने अत्यन्त क्रोध में भरकर चित्र को मार डालने की इच्छा से उस पर स्वर्णमय तोमर से आक्रमण किया॥31॥
 
Rajan! Then Prativindhya, filled with extreme anger and wishing to kill Chitra, attacked him with a golden tomar. 31॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)