Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.14.15: चित्रसेन का तेजस्वी सिर पृथ्वी पर इस प्रकार गिर पड़ा मानो चन्द्रमा दैवी इच्छा से स्वर्ग से पृथ्वी पर गिर पड़े हों ॥15॥   |   mahabharat अध्याय 8.14: द्रौपदीपुत्र श्रुतकर्मा और प्रतिविन्ध्यद्वारा क्रमश: चित्रसेन एवं चित्रका वध, कौरव-सेनाका पलायन तथा अश्वत्थामाका भीमसेनपर आक्रमण   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 14: द्रौपदीपुत्र श्रुतकर्मा और प्रतिविन्ध्यद्वारा क्रमश: चित्रसेन एवं चित्रका वध, कौरव-सेनाका पलायन तथा अश्वत्थामाका भीमसेनपर आक्रमण  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  8.14.15 
तच्छिरो न्यपतद् भूमौ चित्रसेनस्य दीप्तिमत्।
यदृच्छया यथा चन्द्रश्च्युत: स्वर्गान्महीतलम्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
चित्रसेन का तेजस्वी सिर पृथ्वी पर इस प्रकार गिर पड़ा मानो चन्द्रमा दैवी इच्छा से स्वर्ग से पृथ्वी पर गिर पड़े हों ॥15॥
 
The illustrious head of Chitrasena fell on the earth as if the Moon had, by divine will, fallen from heaven to the earth. ॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)