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mahabharat 8.13.7: राजा चित्रसेन ने श्रुतकर्मा को आगे बढ़ने से रोक दिया और प्रतिविन्ध्य ने चित्र का सामना किया, जिसके पास एक विचित्र ध्वज और धनुष था।   |   mahabharat अध्याय 8.13: दोनों सेनाओंका परस्पर घोर युद्ध तथा सात्यकिके द्वारा विन्द और अनुविन्दका वध   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 13: दोनों सेनाओंका परस्पर घोर युद्ध तथा सात्यकिके द्वारा विन्द और अनुविन्दका वध  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  8.13.7 
श्रुतकर्माणमायान्तं चित्रसेनो महीपति:।
प्रतिविन्ध्यस्तथा चित्रं चित्रकेतनकार्मुकम्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
राजा चित्रसेन ने श्रुतकर्मा को आगे बढ़ने से रोक दिया और प्रतिविन्ध्य ने चित्र का सामना किया, जिसके पास एक विचित्र ध्वज और धनुष था।
 
King Chitrasena stopped Shrutakarma coming forward and Prativindhya confronted Chitra who had a strange flag and bow.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)