Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.13.35-36h: राजन! इस महासमर में महाधनुर्धर राजा केकय कवच के दो टुकड़े हो जाने पर वज्र से आहत पर्वत के समान गिर पड़े।   |   mahabharat अध्याय 8.13: दोनों सेनाओंका परस्पर घोर युद्ध तथा सात्यकिके द्वारा विन्द और अनुविन्दका वध   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 13: दोनों सेनाओंका परस्पर घोर युद्ध तथा सात्यकिके द्वारा विन्द और अनुविन्दका वध  »  श्लोक 35-36h
 
 
श्लोक  8.13.35-36h 
सवर्मा केकयो राजन् द्विधा छिन्नो महारणे॥ ३५॥
निपपात महेष्वासो वज्राहत इवाचल:।
 
 
अनुवाद
राजन! इस महासमर में महाधनुर्धर राजा केकय कवच के दो टुकड़े हो जाने पर वज्र से आहत पर्वत के समान गिर पड़े।
 
King! In this great battle, the great archer King Kekaya, with his armour cut into two pieces, fell like a mountain struck by a thunderbolt.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)