Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.13.32-33h: फिर वे एक-दूसरे को मारने का प्रयत्न करने लगे। तत्पश्चात् सात्यकि ने विन्दकी की ढाल के दो टुकड़े कर दिए। इसी प्रकार राजकुमार विन्दने ने भी सात्यकि की ढाल के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। 32 1/2॥ | mahabharat अध्याय 8.13: दोनों सेनाओंका परस्पर घोर युद्ध तथा सात्यकिके द्वारा विन्द और अनुविन्दका वध । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
फिर वे एक-दूसरे को मारने का प्रयत्न करने लगे। तत्पश्चात् सात्यकि ने विन्दकी की ढाल के दो टुकड़े कर दिए। इसी प्रकार राजकुमार विन्दने ने भी सात्यकि की ढाल के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। 32 1/2॥
Then they started trying hard to kill each other. Thereafter, Satyaki broke Vindaki's shield into two pieces. Similarly, Prince Vindane also broke Satyaki's shield in pieces. 32 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥