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mahabharat 8.13.25: तदनन्तर केकय महारथी विन्ध ने तुरन्त सात्यकि की भुजाओं तथा छाती में हजारों बाण मारे।   |   mahabharat अध्याय 8.13: दोनों सेनाओंका परस्पर घोर युद्ध तथा सात्यकिके द्वारा विन्द और अनुविन्दका वध   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 13: दोनों सेनाओंका परस्पर घोर युद्ध तथा सात्यकिके द्वारा विन्द और अनुविन्दका वध  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  8.13.25 
सात्यकिं च ततस्तूर्णं केकयानां महारथ:।
शरैरनेकसाहस्रैर्बाह्वोरुरसि चार्पयत्॥ २५॥
 
 
अनुवाद
तदनन्तर केकय महारथी विन्ध ने तुरन्त सात्यकि की भुजाओं तथा छाती में हजारों बाण मारे।
 
Thereafter Kekaya maharathi Vindha instantly shot thousands of arrows into Satyaki's arms and chest.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)