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mahabharat 8.13.23: वीर अनुविन्द को मारा गया देखकर उसके स्वामी भाई विन्द ने अपने धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाकर सात्यकि को सब ओर से रोक दिया ॥23॥   |   mahabharat अध्याय 8.13: दोनों सेनाओंका परस्पर घोर युद्ध तथा सात्यकिके द्वारा विन्द और अनुविन्दका वध   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 13: दोनों सेनाओंका परस्पर घोर युद्ध तथा सात्यकिके द्वारा विन्द और अनुविन्दका वध  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  8.13.23 
तं दृष्ट्वा निहतं शूरं भ्राता तस्य महारथ:।
सज्यमन्यद् धनु: कृत्वा शैनेयं पर्यवारयत्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
वीर अनुविन्द को मारा गया देखकर उसके स्वामी भाई विन्द ने अपने धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाकर सात्यकि को सब ओर से रोक दिया ॥23॥
 
Seeing the brave Anuvind killed, his master brother Vind put a string on his bow and stopped Satyaki from all sides. 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)