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mahabharat 8.13.11: भरतनन्दन! युद्ध में केकय राजकुमार विन्द और अनुविन्द ने चमकीले बाणों की वर्षा करके सात्यकि और सात्यकि, दोनों केकय राजकुमारों को ढक दिया।   |   mahabharat अध्याय 8.13: दोनों सेनाओंका परस्पर घोर युद्ध तथा सात्यकिके द्वारा विन्द और अनुविन्दका वध   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 13: दोनों सेनाओंका परस्पर घोर युद्ध तथा सात्यकिके द्वारा विन्द और अनुविन्दका वध  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  8.13.11 
कैकेयौ सात्यकिं युद्धे शरवर्षेण भास्वता।
सात्यकि: केकयौ चापि च्छादयामास भारत॥ ११॥
 
 
अनुवाद
भरतनन्दन! युद्ध में केकय राजकुमार विन्द और अनुविन्द ने चमकीले बाणों की वर्षा करके सात्यकि और सात्यकि, दोनों केकय राजकुमारों को ढक दिया।
 
Bharatnandan! In the battle, Kekaya princes Vinda and Anuvinda covered Satyaki and Satyaki, both the Kekaya princes, by showering bright arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)