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mahabharat 8.13.1: संजय कहते हैं- राजन! तत्पश्चात् महाधनुर्धर एवं वीर योद्धा कर्ण ने युद्ध में मुड़ी हुई गांठों वाले बाणों द्वारा पाण्डव सेना का संहार करना आरम्भ कर दिया॥1॥   |   mahabharat अध्याय 8.13: दोनों सेनाओंका परस्पर घोर युद्ध तथा सात्यकिके द्वारा विन्द और अनुविन्दका वध   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 13: दोनों सेनाओंका परस्पर घोर युद्ध तथा सात्यकिके द्वारा विन्द और अनुविन्दका वध  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  8.13.1 
संजय उवाच
तत: कर्णो महेष्वास: पाण्डवानामनीकिनीम्।
जघान समरे शूर: शरै: संनतपर्वभि:॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं- राजन! तत्पश्चात् महाधनुर्धर एवं वीर योद्धा कर्ण ने युद्ध में मुड़ी हुई गांठों वाले बाणों द्वारा पाण्डव सेना का संहार करना आरम्भ कर दिया॥1॥
 
Sanjay says- Rajan! After that, the great archer and brave warrior Karna started killing the Pandava army in the battle with arrows having bent knots. 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)