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mahabharat 8.12.7: शत्रुओं द्वारा मारे गए वीर हाथी, रथ और घोड़े उसी प्रकार नीचे गिर रहे थे, जैसे स्वर्ग में रहने वाले प्राणी पुण्य क्षीण हो जाने पर अपने विमानों से नीचे गिर पड़ते हैं ॥7॥   |   mahabharat अध्याय 8.12: दोनों सेनाओंका घोर युद्ध और भीमसेनके द्वारा क्षेमधूर्तिका वध   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 12: दोनों सेनाओंका घोर युद्ध और भीमसेनके द्वारा क्षेमधूर्तिका वध  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  8.12.7 
द्विरदस्यन्दनाश्वेभ्य: पेतुर्वीरा द्विषद्धता:।
विमानेभ्यो यथा क्षीणे पुण्ये स्वर्गसदस्तथा॥ ७॥
 
 
अनुवाद
शत्रुओं द्वारा मारे गए वीर हाथी, रथ और घोड़े उसी प्रकार नीचे गिर रहे थे, जैसे स्वर्ग में रहने वाले प्राणी पुण्य क्षीण हो जाने पर अपने विमानों से नीचे गिर पड़ते हैं ॥7॥
 
The brave elephants, chariots and horses killed by the enemies were falling down in the same manner as the living beings in heaven fall down from their aircrafts when their virtues are exhausted. ॥ 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)