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mahabharat 8.12.30: वे दोनों महापराक्रमी एवं विद्वान योद्धा अपने दोनों हाथियों के साथ अपनी-अपनी सूंडें उठाकर युद्ध कर रहे थे। उस समय उन हाथियों पर लगे ध्वज वायु के वेग से लहरा रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 8.12: दोनों सेनाओंका घोर युद्ध और भीमसेनके द्वारा क्षेमधूर्तिका वध   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 12: दोनों सेनाओंका घोर युद्ध और भीमसेनके द्वारा क्षेमधूर्तिका वध  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  8.12.30 
समुद्यतकराभ्यां तौ द्विपाभ्यां कृतिनावुभौ।
वातोद्धूतपताकाभ्यां युयुधाते महाबलौ॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
वे दोनों महापराक्रमी एवं विद्वान योद्धा अपने दोनों हाथियों के साथ अपनी-अपनी सूंडें उठाकर युद्ध कर रहे थे। उस समय उन हाथियों पर लगे ध्वज वायु के वेग से लहरा रहे थे।
 
Those two mighty and learned warriors were fighting with their two elephants with their trunks raised. At that time the flags on those elephants were fluttering with the force of the wind.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)