Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.11.5-6: हे प्रजानाथ! बड़े-बड़े सुसज्जित हाथियों, ढके हुए रथों, कवचधारी पुरुषों, जुते हुए घोड़ों और उत्सुकता से एक-दूसरे को पुकारते हुए योद्धाओं का महान कोलाहलपूर्ण शब्द आकाश में बहुत ऊपर तक गूंज रहा था। | mahabharat अध्याय 8.11: कर्णके सेनापतित्वमें कौरव-सेनाका युद्धके लिये प्रस्थान और मकरव्यूहका निर्माण तथा पाण्डव-सेनाके अर्धचन्द्राकार व्यूहकी रचना और युद्धका आरम्भ । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कल्प्यतां नागमुख्यानां रथानां च वरूथिनाम्।
संनह्यतां नराणां च वाजिनां च विशाम्पते॥ ५॥
क्रोशतां चैव योधानां त्वरितानां परस्परम्।
बभूव तुमुल: शब्दो दिवस्पृक् सुमहांस्तत:॥ ६॥
अनुवाद
हे प्रजानाथ! बड़े-बड़े सुसज्जित हाथियों, ढके हुए रथों, कवचधारी पुरुषों, जुते हुए घोड़ों और उत्सुकता से एक-दूसरे को पुकारते हुए योद्धाओं का महान कोलाहलपूर्ण शब्द आकाश में बहुत ऊपर तक गूंज रहा था।
O Prajanath! The great tumultuous noise of the huge decorated elephants, covered chariots, men wearing armour, horses being harnessed and warriors calling out to each other in eagerness was resonating very high in the sky. 5-6.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥