श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 11: कर्णके सेनापतित्वमें कौरव-सेनाका युद्धके लिये प्रस्थान और मकरव्यूहका निर्माण तथा पाण्डव-सेनाके अर्धचन्द्राकार व्यूहकी रचना और युद्धका आरम्भ  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  8.11.4 
महत्यपररात्रे च तव सैन्यस्य मारिष।
योगो योगेति सहसा प्रादुरासीन्महास्वन:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
माननीय महाराज! सुबह-सुबह अचानक आपकी सेना में "तैयार हो जाओ, तैयार हो जाओ" के शब्द गूंज उठे।
 
Honorable King! Very early in the morning the words "Get ready, get ready" suddenly resounded in your army. 4.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)