Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.11.1-2: धृतराष्ट्र ने पूछा - संजय! जब परम बुद्धिमान वैकर्तन कर्ण सेनापति पद पाकर युद्ध के लिए तैयार हो गया और जब स्वयं राजा दुर्योधन ने उससे भाई के समान स्नेहपूर्वक बात की, तब सूर्योदय के समय सेना को युद्ध के लिए तैयार होने की आज्ञा देकर उसने क्या किया? यह मुझे बताओ॥1-2॥   |   mahabharat अध्याय 8.11: कर्णके सेनापतित्वमें कौरव-सेनाका युद्धके लिये प्रस्थान और मकरव्यूहका निर्माण तथा पाण्डव-सेनाके अर्धचन्द्राकार व्यूहकी रचना और युद्धका आरम्भ   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 11: कर्णके सेनापतित्वमें कौरव-सेनाका युद्धके लिये प्रस्थान और मकरव्यूहका निर्माण तथा पाण्डव-सेनाके अर्धचन्द्राकार व्यूहकी रचना और युद्धका आरम्भ  »  श्लोक 1-2
 
 
श्लोक  8.11.1-2 
धृतराष्ट्र उवाच
सैनापत्यं तु सम्प्राप्य कर्णो वैकर्तनस्तदा।
तथोक्तश्च स्वयं राज्ञा स्निग्धं भ्रातृसमं वच:॥ १॥
योगमाज्ञाप्य सेनानामादित्येऽभ्युदिते तदा।
अकरोत् किं महाप्राज्ञस्तन्ममाचक्ष्व संजय॥ २॥
 
 
अनुवाद
धृतराष्ट्र ने पूछा - संजय! जब परम बुद्धिमान वैकर्तन कर्ण सेनापति पद पाकर युद्ध के लिए तैयार हो गया और जब स्वयं राजा दुर्योधन ने उससे भाई के समान स्नेहपूर्वक बात की, तब सूर्योदय के समय सेना को युद्ध के लिए तैयार होने की आज्ञा देकर उसने क्या किया? यह मुझे बताओ॥1-2॥
 
Dhritarashtra asked - Sanjay! When the most intelligent Vaikartana Karna got ready for the war after getting the post of commander and when King Duryodhan himself spoke to him affectionately like a brother, then what did he do after ordering the army to get ready for the war at sunrise? Tell me this.॥1-2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)