Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.10.22: कर्ण! मैं आपके पराक्रम को जानता हूँ और यह भी अनुभव करता हूँ कि आपका मुझ पर स्नेह अत्यन्त महान है। हे महाबली! फिर भी मैं अपने हित के लिए आपसे कुछ कहना चाहता हूँ॥ 22॥ | mahabharat अध्याय 8.10: कर्णको सेनापति बनानेके लिये अश्वत्थामाका प्रस्ताव और सेनापतिके पदपर उसका अभिषेक । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कर्ण! मैं आपके पराक्रम को जानता हूँ और यह भी अनुभव करता हूँ कि आपका मुझ पर स्नेह अत्यन्त महान है। हे महाबली! फिर भी मैं अपने हित के लिए आपसे कुछ कहना चाहता हूँ॥ 22॥
Karna! I know your prowess and I also feel that your affection towards me is very high. O mighty one! However, I want to tell you something for my own benefit.॥ 22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥