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mahabharat 8.10.18: राजन! उस समय आचार्यपुत्र अश्वत्थामा के मुख से यह बात सुनकर आपके पुत्र दुर्योधन को कर्ण से विशेष आशा हुई ॥18॥   |   mahabharat अध्याय 8.10: कर्णको सेनापति बनानेके लिये अश्वत्थामाका प्रस्ताव और सेनापतिके पदपर उसका अभिषेक   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  8.10.18 
एतदाचार्यतनयाच्छ्रुत्वा राजंस्तवात्मज:।
आशां बहुमतीं चक्रे कर्णं प्रति स वै तदा॥ १८॥
 
 
अनुवाद
राजन! उस समय आचार्यपुत्र अश्वत्थामा के मुख से यह बात सुनकर आपके पुत्र दुर्योधन को कर्ण से विशेष आशा हुई ॥18॥
 
Rajan! At that time, after hearing this from the mouth of Acharya's son Ashwatthama, your son Duryodhana had special hope for Karna. 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)