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mahabharat 7.99.62: विश्वकर्मा के समान अद्भुत कर्म करने वाले अर्जुन ने वहाँ बाणों का एक अद्भुत घर बनाया था, जिसमें बाणों के बाँस, बाणों के स्तम्भ तथा बाणों का छत्र था।   |   mahabharat अध्याय 7.99: अर्जुनके द्वारा तीव्र गतिसे कौरव-सेनामें प्रवेश, विन्द और अनुविन्दका वध तथा अद्भुत जलाशयका निर्माण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.99.62 
शरवंशं शरस्थूणं शराच्छादनमद्भुतम्।
शरवेश्माकरोत् पार्थस्त्वष्टेवाद्भुतकर्मकृत्॥ ६२॥
 
 
अनुवाद
विश्वकर्मा के समान अद्भुत कर्म करने वाले अर्जुन ने वहाँ बाणों का एक अद्भुत घर बनाया था, जिसमें बाणों के बाँस, बाणों के स्तम्भ तथा बाणों का छत्र था।
 
Arjuna, who performed amazing deeds like Vishwakarma, had built a wonderful house of arrows there, which had bamboos of arrows, pillars of arrows and a canopy of arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)