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mahabharat 7.99.59: यह रहा उनके पीने के लिए जल' ऐसा कहकर अर्जुन ने बिना किसी हिचकिचाहट के अपने अस्त्र से पृथ्वी पर प्रहार किया और घोड़ों के पीने के लिए उपयुक्त जल से भरी एक सुन्दर झील उत्पन्न कर दी।   |   mahabharat अध्याय 7.99: अर्जुनके द्वारा तीव्र गतिसे कौरव-सेनामें प्रवेश, विन्द और अनुविन्दका वध तथा अद्भुत जलाशयका निर्माण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.99.59 
इदमस्तीत्यसम्भ्रान्तो ब्रुवन्नस्त्रेण मेदिनीम्।
अभिहत्यार्जुनश्चक्रे वाजिपानं सर: शुभम्॥ ५९॥
 
 
अनुवाद
यह रहा उनके पीने के लिए जल' ऐसा कहकर अर्जुन ने बिना किसी हिचकिचाहट के अपने अस्त्र से पृथ्वी पर प्रहार किया और घोड़ों के पीने के लिए उपयुक्त जल से भरी एक सुन्दर झील उत्पन्न कर दी।
 
Saying, 'Here is water for them to drink', Arjuna without any hesitation struck the earth with his weapon and created a beautiful lake filled with water suitable for the horses to drink. 59.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)