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mahabharat 7.99.56: पृथ्वी पर अकेले खड़े होकर अर्जुन ने रथों पर बैठे हुए पृथ्वी के समस्त राजाओं को उसी प्रकार रोक दिया, जैसे लोभ समस्त पुण्यों का नाश कर देता है ॥56॥   |   mahabharat अध्याय 7.99: अर्जुनके द्वारा तीव्र गतिसे कौरव-सेनामें प्रवेश, विन्द और अनुविन्दका वध तथा अद्भुत जलाशयका निर्माण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 99: अर्जुनके द्वारा तीव्र गतिसे कौरव-सेनामें प्रवेश, विन्द और अनुविन्दका वध तथा अद्भुत जलाशयका निर्माण  »  श्लोक 56
 
 
श्लोक  7.99.56 
स पार्थ: पार्थिवान् सर्वान् भूमिस्थोऽपि रथस्थितान्।
एको निवारयामास लोभ: सर्वगुणानिव॥ ५६॥
 
 
अनुवाद
पृथ्वी पर अकेले खड़े होकर अर्जुन ने रथों पर बैठे हुए पृथ्वी के समस्त राजाओं को उसी प्रकार रोक दिया, जैसे लोभ समस्त पुण्यों का नाश कर देता है ॥56॥
 
Standing alone on the earth, Arjuna stopped all the kings of the earth sitting on their chariots, just as greed destroys all virtues. ॥ 56॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)