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mahabharat 7.99.55: संजय ने कहा: हे राजन! उस समय पार्थ ने पृथ्वी पर खड़े होकर अपने रथों पर बैठे हुए समस्त राजाओं को अचानक रोक दिया, जैसे वेदविरुद्ध कथन को अस्वीकार कर दिया जाता है।   |   mahabharat अध्याय 7.99: अर्जुनके द्वारा तीव्र गतिसे कौरव-सेनामें प्रवेश, विन्द और अनुविन्दका वध तथा अद्भुत जलाशयका निर्माण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 99: अर्जुनके द्वारा तीव्र गतिसे कौरव-सेनामें प्रवेश, विन्द और अनुविन्दका वध तथा अद्भुत जलाशयका निर्माण  »  श्लोक 55
 
 
श्लोक  7.99.55 
संजय उवाच
सद्य: पार्थिव पार्थेन निरुद्धा: सर्वपार्थिवा:।
रथस्था धरणीस्थेन वाक्यमच्छान्दसं यथा॥ ५५॥
 
 
अनुवाद
संजय ने कहा: हे राजन! उस समय पार्थ ने पृथ्वी पर खड़े होकर अपने रथों पर बैठे हुए समस्त राजाओं को अचानक रोक दिया, जैसे वेदविरुद्ध कथन को अस्वीकार कर दिया जाता है।
 
Sanjaya said: O King, at that time Partha, standing on the earth, suddenly stopped all the kings seated on their chariots in the same manner as a statement contrary to the Vedas is rejected.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)