श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 99: अर्जुनके द्वारा तीव्र गतिसे कौरव-सेनामें प्रवेश, विन्द और अनुविन्दका वध तथा अद्भुत जलाशयका निर्माण  »  श्लोक 54
 
 
श्लोक  7.99.54 
धृतराष्ट्र उवाच
अर्जुने धरणीं प्राप्ते हयहस्ते च केशवे।
एतदन्तरमासाद्य कथं पार्थो न घातित:॥ ५४॥
 
 
अनुवाद
धृतराष्ट्र ने पूछा - संजय! जब अर्जुन भूमि पर उतरे और भगवान श्रीकृष्ण घोड़ों का उपचार करने लगे, तब मेरे सैनिकों ने अवसर का लाभ उठाकर कुन्तीकुमारों को क्यों नहीं मार डाला?॥ 54॥
 
Dhritarashtra asked - Sanjaya! When Arjuna came down to the ground and Lord Krishna started treating the horses, why did my soldiers not take advantage of the opportunity and kill Kuntikumar?॥ 54॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)