vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 99: अर्जुनके द्वारा तीव्र गतिसे कौरव-सेनामें प्रवेश, विन्द और अनुविन्दका वध तथा अद्भुत जलाशयका निर्माण
»
श्लोक 42
श्लोक
7.99.42
तमभ्यधावन् क्रोशन्त: क्षत्रिया जयकाङ्क्षिण:।
इदं छिद्रमिति ज्ञात्वा धरणीस्थं धनंजयम्॥ ४२॥
अनुवाद
धनंजय को भूमि पर खड़ा देखकर विजय की इच्छा रखने वाले क्षत्रिय 'यही अवसर है' कहकर उसकी ओर दौड़े।
Seeing Dhananjaya standing on the ground, the Kshatriyas desirous of victory ran towards him shouting, 'This is the opportunity'.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×