Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.98.57: वहाँ सब कुछ अस्त-व्यस्त था। सेना द्वारा उड़ाई गई धूल के कारण कोई कुछ देख नहीं पा रहा था। वहाँ एक अशोभनीय युद्ध चल रहा था। 57. | mahabharat अध्याय 7.98: द्रोणाचार्य और सात्यकिका अद्भुत युद्ध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वहाँ सब कुछ अस्त-व्यस्त था। सेना द्वारा उड़ाई गई धूल के कारण कोई कुछ देख नहीं पा रहा था। वहाँ एक अशोभनीय युद्ध चल रहा था। 57.
Everything was in turmoil there. No one could see anything because of the destruction caused by the dust raised by the army. An undignified war was going on there. 57.
इति श्रीमहाभारते द्रोणपर्वणि जयद्रथवधपर्वणि द्रोणसात्यकियुद्धे अष्टनवतितमोऽध्याय:॥ ९८॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत द्रोणपर्वके अन्तर्गत जयद्रथवधपर्वमें द्रोण और सात्यकिका युद्धविषयक अट्ठानबेवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ९८॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥