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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 98: द्रोणाचार्य और सात्यकिका अद्भुत युद्ध  »  श्लोक 48-49h
 
 
श्लोक  7.98.48-49h 
यदस्त्रमस्यति द्रोणस्तदेवास्यति सात्यकि:॥ ४८॥
तमाचार्योऽप्यसम्भ्रान्तोऽयोधयच्छत्रुतापन:।
 
 
अनुवाद
सात्यकि ने भी वही अस्त्र प्रयोग किया जो द्रोणाचार्य ने किया था। यहाँ तक कि शत्रुओं को त्रास देने वाले आचार्य द्रोण भी अपनी घबराहट छोड़कर सात्यकि से युद्ध करते रहे।
 
Satyaki also used the same weapon that Dronacharya used. Even Acharya Drona, who used torment his enemies, left his nervousness aside and continued fighting with Satyaki. 48 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)