Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.98.44-45h: प्रजानाथ! देवताओं, गन्धर्वों, सिद्धों और चारणों ने युद्धभूमि में सात्यकि का ऐसा वेग पहले कभी नहीं देखा था। वे जानते थे कि केवल द्रोणाचार्य ही ऐसा पराक्रम कर सकते हैं (किन्तु उस दिन उन्होंने सात्यकि का पराक्रम प्रत्यक्ष देखा)।॥44 1/2॥ | mahabharat अध्याय 7.98: द्रोणाचार्य और सात्यकिका अद्भुत युद्ध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रजानाथ! देवताओं, गन्धर्वों, सिद्धों और चारणों ने युद्धभूमि में सात्यकि का ऐसा वेग पहले कभी नहीं देखा था। वे जानते थे कि केवल द्रोणाचार्य ही ऐसा पराक्रम कर सकते हैं (किन्तु उस दिन उन्होंने सात्यकि का पराक्रम प्रत्यक्ष देखा)।॥44 1/2॥
Prajanath! The gods, Gandharvas, Siddhas and the Charanas had never seen Satyaki's swiftness in the battlefield before. They knew that only Dronacharya could perform such feats (but that day they witnessed Satyaki's prowess firsthand). ॥ 44 1/2 ॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥