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mahabharat 7.97.9: स्वर्ण कवच पहने हुए और रक्त से लथपथ सैनिक, बिजली से चिपके हुए बादलों के समान दिख रहे थे॥9॥   |   mahabharat अध्याय 7.97: द्रोणाचार्य और धृष्टद्युम्नका युद्ध तथा सात्यकिद्वारा धृष्टद्युम्नकी रक्षा   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.97.9 
तपनीयतनुत्राणा: संसिक्ता रुधिरेण च।
संसक्ता इव दृश्यन्ते मेघसंघा: सविद्युत:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
स्वर्ण कवच पहने हुए और रक्त से लथपथ सैनिक, बिजली से चिपके हुए बादलों के समान दिख रहे थे॥9॥
 
The soldiers, wearing golden armour and soaked in blood, looked like clouds with lightning sticking together.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)