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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 97: द्रोणाचार्य और धृष्टद्युम्नका युद्ध तथा सात्यकिद्वारा धृष्टद्युम्नकी रक्षा  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  7.97.8 
विनिकीर्णानि वीराणामनीकेषु समन्तत:।
वस्त्राभरणशस्त्राणि ध्वजवर्मायुधानि च॥ ८॥
 
 
अनुवाद
अनेक योद्धाओं के कपड़े, आभूषण, हथियार, झंडे, कवच और गोला-बारूद टुकड़े-टुकड़े होकर सेना में चारों ओर बिखर गए।
 
Many of the warriors' clothes, ornaments, weapons, flags, armour and ammunition were torn to pieces and scattered all around in the army.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)