Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.97.30: शक्तिशाली आचार्य ने चौंसठ बाणों से धृष्टद्युम्न के चारों घोड़ों को मार डाला। फिर दो भालों से उसकी ध्वजा और छत्र काट डाले तथा उसके दोनों पार्श्वरक्षकों को भी मार डाला। | mahabharat अध्याय 7.97: द्रोणाचार्य और धृष्टद्युम्नका युद्ध तथा सात्यकिद्वारा धृष्टद्युम्नकी रक्षा । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हयांश्चैव चतु:षष्टॺा शराणां जघ्निवान् बली।
ध्वजं क्षत्रं च भल्लाभ्यां तथा तौ पार्ष्णिसारथी॥ ३०॥
अनुवाद
शक्तिशाली आचार्य ने चौंसठ बाणों से धृष्टद्युम्न के चारों घोड़ों को मार डाला। फिर दो भालों से उसकी ध्वजा और छत्र काट डाले तथा उसके दोनों पार्श्वरक्षकों को भी मार डाला।
The powerful Acharya killed all the four horses of Dhrishtadyumna with sixty-four arrows. Then he cut off his flag and umbrella with two spears and killed his two side guards as well.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥