Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.97.3: महाराज! जैसे तेजस्वी सूर्य हजारों किरणें फैलाता है, उसी प्रकार धृष्टद्युम्न ने युद्धस्थल में बाणों की वर्षा करके द्रोणाचार्य पर आक्रमण किया।   |   mahabharat अध्याय 7.97: द्रोणाचार्य और धृष्टद्युम्नका युद्ध तथा सात्यकिद्वारा धृष्टद्युम्नकी रक्षा   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 97: द्रोणाचार्य और धृष्टद्युम्नका युद्ध तथा सात्यकिद्वारा धृष्टद्युम्नकी रक्षा  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  7.97.3 
किरंस्तु शरवर्षाणि रोचमान इवांशुमान्।
धृष्टद्युम्नो महाराज द्रोणमभ्यद्रवद् रणे॥ ३॥
 
 
अनुवाद
महाराज! जैसे तेजस्वी सूर्य हजारों किरणें फैलाता है, उसी प्रकार धृष्टद्युम्न ने युद्धस्थल में बाणों की वर्षा करके द्रोणाचार्य पर आक्रमण किया।
 
Maharaj! Just as the bright Sun spreads thousands of rays, in the same way Dhrishtadyumna attacked Dronacharya in the battlefield by showering a shower of arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)