Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.97.29: तत्पश्चात् द्रोणाचार्य ने सौ बाण चलाकर द्रुपदपुत्र की ढाल को, जिस पर सौ अर्धचन्द्राकार चिह्न थे, काट डाला और दस बाणों से उसकी तलवार को भी टुकड़े-टुकड़े कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.97: द्रोणाचार्य और धृष्टद्युम्नका युद्ध तथा सात्यकिद्वारा धृष्टद्युम्नकी रक्षा   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 97: द्रोणाचार्य और धृष्टद्युम्नका युद्ध तथा सात्यकिद्वारा धृष्टद्युम्नकी रक्षा  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  7.97.29 
तत: शरशतेनास्य शतचन्द्रं समाक्षिपत्।
द्रोणो द्रुपदपुत्रस्य खड्गं च दशभि: शरै:॥ २९॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् द्रोणाचार्य ने सौ बाण चलाकर द्रुपदपुत्र की ढाल को, जिस पर सौ अर्धचन्द्राकार चिह्न थे, काट डाला और दस बाणों से उसकी तलवार को भी टुकड़े-टुकड़े कर दिया।
 
Thereafter Dronacharya shot a hundred arrows and cut down the shield of Drupada's son which had a hundred crescent shaped marks on it. He also broke his sword into pieces with ten arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)