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mahabharat 7.97.28: जैसे वन में मांस की लालसा से व्याकुल बाज़ आक्रमण करता है, उसी प्रकार धृष्टद्युम्न ने द्रोणाचार्य को मार डालने की इच्छा से उन पर अचानक आक्रमण किया।   |   mahabharat अध्याय 7.97: द्रोणाचार्य और धृष्टद्युम्नका युद्ध तथा सात्यकिद्वारा धृष्टद्युम्नकी रक्षा   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 97: द्रोणाचार्य और धृष्टद्युम्नका युद्ध तथा सात्यकिद्वारा धृष्टद्युम्नकी रक्षा  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  7.97.28 
यथा श्येनस्य पतनं वनेष्वामिषगृद्धिन:।
तथैवासीदभीसारस्तस्य द्रोणं जिघांसत:॥ २८॥
 
 
अनुवाद
जैसे वन में मांस की लालसा से व्याकुल बाज़ आक्रमण करता है, उसी प्रकार धृष्टद्युम्न ने द्रोणाचार्य को मार डालने की इच्छा से उन पर अचानक आक्रमण किया।
 
Just as a hawk craving meat attacks in the forest, Dhrishtadyumna suddenly attacked Drona with the desire to kill him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)