Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.97.26: वह एक पैर जूए के ठीक बीच में और दूसरा पैर घोड़े (आचार्य के) के पिछले भाग पर रखकर खड़ा हो गया। इस कार्य के लिए सब सैनिकों ने उसकी प्रशंसा की॥26॥ | mahabharat अध्याय 7.97: द्रोणाचार्य और धृष्टद्युम्नका युद्ध तथा सात्यकिद्वारा धृष्टद्युम्नकी रक्षा । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अतिष्ठद् युगमध्ये स युगसंनहनेषु च।
जघनार्धेषु चाश्वानां तत् सैन्यान्यभ्यपूजयन्॥ २६॥
अनुवाद
वह एक पैर जूए के ठीक बीच में और दूसरा पैर घोड़े (आचार्य के) के पिछले भाग पर रखकर खड़ा हो गया। इस कार्य के लिए सब सैनिकों ने उसकी प्रशंसा की॥26॥
He stood with one foot right in the middle of the yoke and the other foot on the hind half of the horse (of the Acharya). All the soldiers praised him for this act.॥26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥