Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.97.25: शत्रु योद्धाओं का संहार करने वाले धृष्टद्युम्न एक कठिन कार्य करना चाहते थे, इसलिए वे ईशा की छड़ी की सहायता से उनके रथ पर से कूदकर द्रोणाचार्य के रथ पर चढ़ गए।   |   mahabharat अध्याय 7.97: द्रोणाचार्य और धृष्टद्युम्नका युद्ध तथा सात्यकिद्वारा धृष्टद्युम्नकी रक्षा   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 97: द्रोणाचार्य और धृष्टद्युम्नका युद्ध तथा सात्यकिद्वारा धृष्टद्युम्नकी रक्षा  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  7.97.25 
चिकीर्षुर्दुष्करं कर्म पार्षत: परवीरहा।
ईषया समतिक्रम्य द्रोणस्य रथमाविशत्॥ २५॥
 
 
अनुवाद
शत्रु योद्धाओं का संहार करने वाले धृष्टद्युम्न एक कठिन कार्य करना चाहते थे, इसलिए वे ईशा की छड़ी की सहायता से उनके रथ पर से कूदकर द्रोणाचार्य के रथ पर चढ़ गए।
 
Dhrishtadyumna, the slayer of enemy warriors, wanted to perform a difficult task. So, with the help of the rod of Isha, he jumped over his chariot and climbed onto the chariot of Dronacharya.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)