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mahabharat 7.97.22: धृष्टद्युम्न के घोड़े कबूतर के रंग के थे और द्रोणाचार्य के घोड़े लाल। वायु के समान वेगवान घोड़े युद्धभूमि में एक साथ होने पर अत्यंत सुंदर लग रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 7.97: द्रोणाचार्य और धृष्टद्युम्नका युद्ध तथा सात्यकिद्वारा धृष्टद्युम्नकी रक्षा   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.97.22 
ते हया: साध्वशोभन्त मिश्रिता वातरंहस:।
पारावतसवर्णाश्च रक्तशोणाश्च संयुगे॥ २२॥
 
 
अनुवाद
धृष्टद्युम्न के घोड़े कबूतर के रंग के थे और द्रोणाचार्य के घोड़े लाल। वायु के समान वेगवान घोड़े युद्धभूमि में एक साथ होने पर अत्यंत सुंदर लग रहे थे।
 
Dhrishtadyumna's horses were pigeon-coloured and Dronacharya's horses were red. Those horses, as fast as the wind, were looking very beautiful when they were together on the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)