श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 96: दोनों पक्षोंके प्रधान वीरोंका द्वन्द्व-युद्ध  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  7.96.26 
स वध्यमानो बहुभि: शरै: संनतपर्वभि:।
सम्प्रायाज्जवनैरश्वैर्द्रोणानीकाय सौबल:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
सुबलपुत्र शकुनि अपने मुड़े हुए सिरों वाले अनेक बाणों से घायल होकर वेगवान घोड़ों की सहायता से द्रोणाचार्य की सेना के पास पहुँचा।
 
After being hit by many arrows with bent tips, Shakuni, son of Subala, reached the army of Dronacharya with the help of swift horses.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)