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श्लोक 7.96.24  |
शकुनि: पाण्डुपुत्राभ्यां कृत: स विमुख: शरै:।
न स्म जानाति कर्तव्यं युद्धे किंचित् पराक्रमम्॥ २४॥ |
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| अनुवाद |
| पाण्डुकुमार नकुल और सहदेव ने अपने बाणों से शकुनि को युद्ध से विमुख कर दिया। उस समय उसे युद्ध के कर्तव्य का ज्ञान और पराक्रम का भी ज्ञान न था॥ 24॥ |
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| Pandukumar Nakula and Sahadeva turned Shakuni away from the battle with their arrows. At that time he had no knowledge of the duty of war and no sense of valour.॥ 24॥ |
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