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mahabharat 7.96.23: महाराज! आपके पुत्रों ने क्रोध पर आधारित शत्रुता रूपी अग्नि की रक्षा की है, जो इस सम्पूर्ण पृथ्वी को जलाने के लिए तत्पर है॥23॥   |   mahabharat अध्याय 7.96: दोनों पक्षोंके प्रधान वीरोंका द्वन्द्व-युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 96: दोनों पक्षोंके प्रधान वीरोंका द्वन्द्व-युद्ध  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  7.96.23 
रक्षितस्तव पुत्रैश्च क्रोधमूलो हुताशन:।
य इमां पृथिवीं राजन् दग्धुं सर्वां समुद्यत:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
महाराज! आपके पुत्रों ने क्रोध पर आधारित शत्रुता रूपी अग्नि की रक्षा की है, जो इस सम्पूर्ण पृथ्वी को जलाने के लिए तत्पर है॥23॥
 
Maharaj! Your sons have protected the fire of enmity that is based on anger, which is ready to burn this entire earth. ॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)