Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.96.22: राजन! इस प्रकार वह भयंकर नरसंहार आरम्भ हो गया है, जिसके लिए आपने स्वयं ही परिस्थितियाँ उत्पन्न की थीं और कर्ण ने उसे बहुत प्रोत्साहित किया था ॥ 22॥   |   mahabharat अध्याय 7.96: दोनों पक्षोंके प्रधान वीरोंका द्वन्द्व-युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 96: दोनों पक्षोंके प्रधान वीरोंका द्वन्द्व-युद्ध  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  7.96.22 
तुमुल: स महान् राजन् प्रावर्तत जनक्षय:।
त्वया संजनितोऽत्यर्थं कर्णेन च विवर्धित:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
राजन! इस प्रकार वह भयंकर नरसंहार आरम्भ हो गया है, जिसके लिए आपने स्वयं ही परिस्थितियाँ उत्पन्न की थीं और कर्ण ने उसे बहुत प्रोत्साहित किया था ॥ 22॥
 
King! In this way that dreadful massacre has started, the circumstances for which you yourself had created and Karna has greatly encouraged it. ॥ 22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)