vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 96: दोनों पक्षोंके प्रधान वीरोंका द्वन्द्व-युद्ध
»
श्लोक 14
श्लोक
7.96.14
वार्ष्णेयं सात्यकिं युद्धे पुत्रो दु:शासनस्तव।
आजघ्ने सायकैस्तीक्ष्णैर्नवभिर्नतपर्वभि:॥ १४॥
अनुवाद
आपके पुत्र दु:शासन ने युद्धस्थल में वृष्णिवंशी सात्यकि को नौ तीखे बाणों से घायल कर दिया।
Your son Dushasan wounded Satyaki of the Vrishni clan with nine sharp arrows having bent ends on the battlefield.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×