| श्री महाभारत » पर्व 7: द्रोण पर्व » अध्याय 96: दोनों पक्षोंके प्रधान वीरोंका द्वन्द्व-युद्ध » श्लोक 13 |
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| | | | श्लोक 7.96.13  | अयोधयंस्ते सुभृशं तं शरौघै: समन्तत:।
इन्द्रियार्था यथा देहं शश्वद् देहवतां वर॥ १३॥ | | | | | | अनुवाद | | हे जीवों में श्रेष्ठ राजन! द्रौपदी के पुत्र भी वहाँ बाह्लीकों के राजा के साथ बड़े वेग से सब ओर से बाणों की वर्षा करते हुए युद्ध करने लगे, जैसे इन्द्रिय-विषय सदैव शरीर के साथ लड़ते रहते हैं॥13॥ | | | | O King, the best among the living beings, the sons of Draupadi also began to fight with the King of Bahlikas there, showering arrows from all sides with great vigour, just as the sense-objects always fight with the body.॥ 13॥ | | ✨ ai-generated | | |
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