Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.95.45: अवंती से एक अन्य नायक क्रूर प्रभाद्रकों और सौविरदेशी सैनिकों के साथ आया और क्रोधित पांचाल राजकुमार धृष्टद्युम्न को रोक दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.95: द्रोण और धृष्टद्युम्नका भीषण संग्राम तथा उभय पक्षके प्रमुख वीरोंका परस्पर संकुल युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 95: द्रोण और धृष्टद्युम्नका भीषण संग्राम तथा उभय पक्षके प्रमुख वीरोंका परस्पर संकुल युद्ध  »  श्लोक 45
 
 
श्लोक  7.95.45 
धृष्टद्युम्नं तु पाञ्चाल्यं क्रूरै: सार्धं प्रभद्रकै:।
आवन्त्य: सहसौवीरै: क्रुद्धरूपमवारयत्॥ ४५॥
 
 
अनुवाद
अवंती से एक अन्य नायक क्रूर प्रभाद्रकों और सौविरदेशी सैनिकों के साथ आया और क्रोधित पांचाल राजकुमार धृष्टद्युम्न को रोक दिया।
 
Another hero from Avanti came along with the ferocious Prabhadrakas and the Sauviradeshi soldiers and stopped the enraged Panchala prince Dhrishtadyumna.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)