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mahabharat 7.95.43: अवन्ति के राजकुमार विन्द और अनुविन्द ने मत्स्यराज विराट पर आक्रमण किया। उन दोनों महाधनुर्धर धनुर्धरों ने अपने मित्र दुर्योधन के लिए प्राणों का मोह त्यागकर शस्त्र धारण कर लिए थे।   |   mahabharat अध्याय 7.95: द्रोण और धृष्टद्युम्नका भीषण संग्राम तथा उभय पक्षके प्रमुख वीरोंका परस्पर संकुल युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.95.43 
विन्दानुविन्दावावन्त्यौ विराटं मत्स्यमार्च्छताम्।
प्राणांस्त्यक्त्वा महेष्वासौ मित्रार्थेऽभ्युद्यतायुधौ॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
अवन्ति के राजकुमार विन्द और अनुविन्द ने मत्स्यराज विराट पर आक्रमण किया। उन दोनों महाधनुर्धर धनुर्धरों ने अपने मित्र दुर्योधन के लिए प्राणों का मोह त्यागकर शस्त्र धारण कर लिए थे।
 
Avanti's princes Vind and Anuvinda attacked Matsya's king Virat. Both those great archers had given up their attachment to life and taken up arms for the sake of their friend Duryodhana.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)