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mahabharat 7.95.39: प्रज्वलित अग्नि के समान तेजस्वी अजात के शत्रु कुन्तीपुत्र राजा युधिष्ठिर का सामना मद्रदेश के स्वामी राजा शल्य से हुआ ॥39॥   |   mahabharat अध्याय 7.95: द्रोण और धृष्टद्युम्नका भीषण संग्राम तथा उभय पक्षके प्रमुख वीरोंका परस्पर संकुल युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.95.39 
अजातशत्रुं कौन्तेयं ज्वलन्तमिव पावकम्।
मद्राणामीश्वर: शल्यो राजा राजानमावृणोत्॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
प्रज्वलित अग्नि के समान तेजस्वी अजात के शत्रु कुन्तीपुत्र राजा युधिष्ठिर का सामना मद्रदेश के स्वामी राजा शल्य से हुआ ॥39॥
 
King Yudhishthira, son of Kunti, the enemy of Ajata, who was as bright as blazing fire, was faced by King Shalya, the lord of Madradesh. 39॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)