Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.95.24: उस भयंकर युद्ध में सब लोग यह मानने लगे कि स्वयं काल ही धृष्टद्युम्न के द्वारा कौरव योद्धाओं का भक्षण कर रहा है और उन्हें मोहित कर रहा है॥ 24॥ | mahabharat अध्याय 7.95: द्रोण और धृष्टद्युम्नका भीषण संग्राम तथा उभय पक्षके प्रमुख वीरोंका परस्पर संकुल युद्ध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस भयंकर युद्ध में सब लोग यह मानने लगे कि स्वयं काल ही धृष्टद्युम्न के द्वारा कौरव योद्धाओं का भक्षण कर रहा है और उन्हें मोहित कर रहा है॥ 24॥
In that terrible battle everybody began to believe that it was Time himself who was devouring the Kaurava warriors through Dhrishtadyumna and enticing them.॥ 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥