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श्लोक  7.95.11 
समुद्रमिव घर्मान्ते विशन् घोरो महानिल:।
व्यक्षोभयदनीकानि पाण्डवानां द्विजोत्तम:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
जैसे ग्रीष्म ऋतु के अन्त में समुद्र में प्रचण्ड वायु चलती है और समुद्र में हलचल पैदा कर देती है, जिससे ज्वार-भाटा उत्पन्न हो जाता है, उसी प्रकार महान् ब्राह्मण द्रोणाचार्य ने पाण्डव सेना में हलचल उत्पन्न कर दी।
 
Just as at the end of summer a fierce wind blows in the ocean and creates a disturbance in the ocean, thus creating the scene of high tide, similarly the great Brahmin Dronacharya created a disturbance in the Pandava army.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)