Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.95.11: जैसे ग्रीष्म ऋतु के अन्त में समुद्र में प्रचण्ड वायु चलती है और समुद्र में हलचल पैदा कर देती है, जिससे ज्वार-भाटा उत्पन्न हो जाता है, उसी प्रकार महान् ब्राह्मण द्रोणाचार्य ने पाण्डव सेना में हलचल उत्पन्न कर दी। | mahabharat अध्याय 7.95: द्रोण और धृष्टद्युम्नका भीषण संग्राम तथा उभय पक्षके प्रमुख वीरोंका परस्पर संकुल युद्ध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे ग्रीष्म ऋतु के अन्त में समुद्र में प्रचण्ड वायु चलती है और समुद्र में हलचल पैदा कर देती है, जिससे ज्वार-भाटा उत्पन्न हो जाता है, उसी प्रकार महान् ब्राह्मण द्रोणाचार्य ने पाण्डव सेना में हलचल उत्पन्न कर दी।
Just as at the end of summer a fierce wind blows in the ocean and creates a disturbance in the ocean, thus creating the scene of high tide, similarly the great Brahmin Dronacharya created a disturbance in the Pandava army.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥