Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.94.73-75: महाबली आचार्य द्वारा कवच धारण किये जाने पर महाबली दुर्योधन त्रिगर्तदेश के एक हजार कुशल रथियों, एक हजार वीर एवं मदमस्त हाथी सवारों, एक लाख घुड़सवारों तथा अन्य कुशल रथियों से घिरा हुआ नाना प्रकार के युद्ध-वाद्यों की ध्वनि के साथ अर्जुन के रथ की ओर उसी प्रकार चला, जैसे राजा बलि इन्द्र से युद्ध करने के लिए जाते हैं। | mahabharat अध्याय 7.94: दुर्योधनका उपालम्भ सुनकर द्रोणाचार्यका उसके शरीरमें दिव्य कवच बाँधकर उसीको अर्जुनके साथ युद्धके लिये भेजना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स संनद्धो महाबाहुराचार्येण महात्मना।
रथानां च सहस्रेण त्रिगर्तानां प्रहारिणाम्॥ ७३॥
तथा दन्तिसहस्रेण मत्तानां वीर्यशालिनाम्।
अश्वानां नियुतेनैव तथान्यैश्च महारथै:॥ ७४॥
वृत: प्रायान्महाबाहुरर्जुनस्य रथं प्रति।
नानावादित्रघोषेण यथा वैरोचनिस्तथा॥ ७५॥
अनुवाद
महाबली आचार्य द्वारा कवच धारण किये जाने पर महाबली दुर्योधन त्रिगर्तदेश के एक हजार कुशल रथियों, एक हजार वीर एवं मदमस्त हाथी सवारों, एक लाख घुड़सवारों तथा अन्य कुशल रथियों से घिरा हुआ नाना प्रकार के युद्ध-वाद्यों की ध्वनि के साथ अर्जुन के रथ की ओर उसी प्रकार चला, जैसे राजा बलि इन्द्र से युद्ध करने के लिए जाते हैं।
After having been fitted with armour by the great Acharya, the mighty Duryodhana, surrounded by a thousand skilful charioteers from the Trigarta region, a thousand valiant and intoxicated elephant riders, a lakh horsemen and other expert car-warriors, proceeded towards Arjuna's chariot accompanied by the sound of various types of war instruments, just like King Bali travels (for the battle with Indra).
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥