Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.94.53: देवताओं! इन्द्र, अन्य देवता और ब्राह्मण तो सदैव मेरे रक्षक हैं। किन्तु वृत्रासुर को उत्पन्न करनेवाला त्वष्टा प्रजापति है, जो अत्यन्त भयंकर और बलवान है ॥53॥ | mahabharat अध्याय 7.94: दुर्योधनका उपालम्भ सुनकर द्रोणाचार्यका उसके शरीरमें दिव्य कवच बाँधकर उसीको अर्जुनके साथ युद्धके लिये भेजना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
देवताओं! इन्द्र, अन्य देवता और ब्राह्मण तो सदैव मेरे रक्षक हैं। किन्तु वृत्रासुर को उत्पन्न करनेवाला त्वष्टा प्रजापति है, जो अत्यन्त भयंकर और बलवान है ॥53॥
Gods! Indra, other gods and Brahmins are always my protector. But the one who created Vritrasura is Tvashta Prajapati and is very fierce and strong. 53॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥