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mahabharat 7.94.49: गान्धारीनन्दन! प्राचीन काल की कथा है, वृत्रासुर ने युद्ध में वीरतापूर्वक हजारों महान देवताओं के शरीर फाड़कर उन्हें परास्त कर दिया था ॥49॥   |   mahabharat अध्याय 7.94: दुर्योधनका उपालम्भ सुनकर द्रोणाचार्यका उसके शरीरमें दिव्य कवच बाँधकर उसीको अर्जुनके साथ युद्धके लिये भेजना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 94: दुर्योधनका उपालम्भ सुनकर द्रोणाचार्यका उसके शरीरमें दिव्य कवच बाँधकर उसीको अर्जुनके साथ युद्धके लिये भेजना  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  7.94.49 
गान्धारे युधि विक्रम्य निर्जिता: सुरसत्तमा:।
पुरा वृत्रेण दैत्येन भिन्नदेहा: सहस्रश:॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
गान्धारीनन्दन! प्राचीन काल की कथा है, वृत्रासुर ने युद्ध में वीरतापूर्वक हजारों महान देवताओं के शरीर फाड़कर उन्हें परास्त कर दिया था ॥49॥
 
Gandhari Nandan! It is a story of ancient times, Vritrasura had bravely defeated thousands of great gods by tearing their bodies in battle. 49॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)