श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 94: दुर्योधनका उपालम्भ सुनकर द्रोणाचार्यका उसके शरीरमें दिव्य कवच बाँधकर उसीको अर्जुनके साथ युद्धके लिये भेजना  »  श्लोक 47
 
 
श्लोक  7.94.47 
विवस्वान् भगवान् स्वस्ति करोतु तव सर्वश:।
दिग्गजाश्चैव चत्वार: क्षितिश्च गगनं ग्रहा:॥ ४७॥
 
 
अनुवाद
भगवान सूर्य आपको हर तरह से आशीर्वाद दें। चारों देव, पृथ्वी, आकाश और ग्रह आपको आशीर्वाद दें।
 
May Lord Surya bless you in every way. May the four giants, earth, sky and planets bless you.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)